यत्ते भूमि विखनामि क्षिप्रं तदतु रोहतु। मा ते मर्म विमृग्वरि मा ते हृदयमर्पिपम्।
'विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस
आइए, इस अवसर पर हम सभी अपने आस-पास व्याप्त प्रकृति का संरक्षण एवं संवर्धन के लिए आवश्यक कदम बढ़ाएं और प्रकृति के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट कर दायित्वों का निर्वाहन
है

Comments
Post a Comment